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Q: (70-75): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकलप को चुनिए। पंखों से रे, फैले फैले ताड़ों के दल, लंबी-लंबी अँगुलियाँ हैं चौड़े करतल। तड़-तड़ पड़ती धार वारि की उन पर चंचल, टप-टप झरतीं कर मुख से जल बूँदें झलमल। नाच रहे पागल हो ताली दे दे चल-दल, झूम-झूम सिर नीम हिलातीं सुख से विह्वल। हरसिंगार झरते, बेला कलि बढ़ती पल पल, हँसमुख हरियाली में खग कुल गाते मंगल? ‘सुख से विह्वल’ होने से तात्पर्य नहीं है-
  • A. उल्लसित होना।
  • B. प्रफुल्लित होना।
  • C. विषादयुक्त होना।
  • D. विभोर होना।
Correct Answer: Option C - सुख से विह्वल होने का तात्पर्य विषादयुक्त होना नहीं हैं विषाद दु:ख की अवस्था में होता है जबकि सुख की अवस्था में मनुष्य उल्लसित, प्रफुल्लित एवं विभोर होता है।
C. सुख से विह्वल होने का तात्पर्य विषादयुक्त होना नहीं हैं विषाद दु:ख की अवस्था में होता है जबकि सुख की अवस्था में मनुष्य उल्लसित, प्रफुल्लित एवं विभोर होता है।

Explanations:

सुख से विह्वल होने का तात्पर्य विषादयुक्त होना नहीं हैं विषाद दु:ख की अवस्था में होता है जबकि सुख की अवस्था में मनुष्य उल्लसित, प्रफुल्लित एवं विभोर होता है।