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Q: Consider below statements with respect to gradients used in railways and identify correct answer./रेलवे में प्रयुक्त ग्रेडिएन्ट के सन्दर्भ के साथ नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर की पहचान करें। Statement/कथन A : Pusher gradient is flatter than ruling gradient and they are provided to reduce the length of railway line so that the overall cost./पुशर ग्रेडिएन्ट नियन्त्रक ग्रेडिएन्ट से सपाट होते है और ये रेलवे लाइन की लम्बाई कम करने के लिए प्रदान किये जाते है जिससे कि सम्पूर्ण लागत कम होती है। Statement/कथन B : Momentum gradient is flatter than ruling gradient and they are provided in valley portion where a falling gradient is followed by a rising gradient./संवेग ग्रेडिएन्ट नियन्त्रक ग्रेडिएन्ट से सपाट होते है और ये घाटी के भाग में प्रदान किए जाते है जहाँ एक गिरती हुई ढाल उठती हुई ढाल से अनुसरित होती है।
  • A. Both statements are correct/दोनों कथन सत्य है
  • B. Both statements are incorrect/दोनों कथन असत्य है
  • C. Statement A is correct and B is इनकरेक्ट कथन A सत्य है और B असत्य है
  • D. Statement B is correct and A is incorrect कथन B सत्य है और A असत्य है।
Correct Answer: Option B - पुशर ढाल (Pusher Gradient):- पहाड़ी क्षेत्रों में रेल-मार्गो की लम्बाई कम करने के लिए तथा चट्टानों की कटान न्यूनतम रखने के लिए इसे नियन्त्रक ढाल से अधिक तीखा ढाल दी जाती है। ऐसा करने पर रेल की लम्बाई कम हो जाती है तथा मार्ग का निर्माण व्यय कम हो जाता है। नियन्त्रक से अधिक दी गई ढाल को पुशर ग्रेडिएन्ट कहते है। संवेग ढाल (Momentum Gradient):-जब गाड़ी ढाल से नीचे आ रही हो तो इसमें अतिरिक्त संवेग आ जाता है। यदि ट्रैक में नत ढाल (Downward Gradient) के तुरन्त बाद ही उन्नत ढाल (Upward Gradient) दिया गया है तो गाड़ी अपने इस अतिरिक्त संवेग के कारण, नियन्त्रक ढाल से भी अधिक ढाल पर आसानी से चढ़ जाती है। ऐसी ढाल को संवेग ढाल कहते है।
B. पुशर ढाल (Pusher Gradient):- पहाड़ी क्षेत्रों में रेल-मार्गो की लम्बाई कम करने के लिए तथा चट्टानों की कटान न्यूनतम रखने के लिए इसे नियन्त्रक ढाल से अधिक तीखा ढाल दी जाती है। ऐसा करने पर रेल की लम्बाई कम हो जाती है तथा मार्ग का निर्माण व्यय कम हो जाता है। नियन्त्रक से अधिक दी गई ढाल को पुशर ग्रेडिएन्ट कहते है। संवेग ढाल (Momentum Gradient):-जब गाड़ी ढाल से नीचे आ रही हो तो इसमें अतिरिक्त संवेग आ जाता है। यदि ट्रैक में नत ढाल (Downward Gradient) के तुरन्त बाद ही उन्नत ढाल (Upward Gradient) दिया गया है तो गाड़ी अपने इस अतिरिक्त संवेग के कारण, नियन्त्रक ढाल से भी अधिक ढाल पर आसानी से चढ़ जाती है। ऐसी ढाल को संवेग ढाल कहते है।

Explanations:

पुशर ढाल (Pusher Gradient):- पहाड़ी क्षेत्रों में रेल-मार्गो की लम्बाई कम करने के लिए तथा चट्टानों की कटान न्यूनतम रखने के लिए इसे नियन्त्रक ढाल से अधिक तीखा ढाल दी जाती है। ऐसा करने पर रेल की लम्बाई कम हो जाती है तथा मार्ग का निर्माण व्यय कम हो जाता है। नियन्त्रक से अधिक दी गई ढाल को पुशर ग्रेडिएन्ट कहते है। संवेग ढाल (Momentum Gradient):-जब गाड़ी ढाल से नीचे आ रही हो तो इसमें अतिरिक्त संवेग आ जाता है। यदि ट्रैक में नत ढाल (Downward Gradient) के तुरन्त बाद ही उन्नत ढाल (Upward Gradient) दिया गया है तो गाड़ी अपने इस अतिरिक्त संवेग के कारण, नियन्त्रक ढाल से भी अधिक ढाल पर आसानी से चढ़ जाती है। ऐसी ढाल को संवेग ढाल कहते है।