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  • A. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • B. Only I/केवल I
  • C. Only II/केवल II
  • D. Both I and II/I तथा II दोनों
Correct Answer: Option D - : आउटसोर्सिंग वैश्वीकरण के महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। इस प्रक्रिया में एक कंपनी अपने किसी आंतरिक कार्य के लिए दूसरी कंपनी के साथ समझौता करके उससे वह काम करवाती है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचार के त्वरित तरीकों एवं सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में वृद्धि हुई है। विश्व व्यापार संगठन (W.T.O..) की स्थापना 1जनवरी 1995 में गैट (GATT) के उत्तराधिकारी संगठन के रूप में हुई थी।विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय जेनेवा में है। इस संगठन का प्रथम मंत्रीस्तरीय सम्मेलन सिंगापुर में दिसम्बर 1996 ई. में हुआ। इस संगठन के मुख्य उद्दे्श्य विश्व में मुक्त, अधिक पारदर्शी तथा अधिक अनुमन्य व्यापार व्यवस्था की स्थापना करना है। अत: दिए गए कथन I और II दोनों सत्य हैं।
D. : आउटसोर्सिंग वैश्वीकरण के महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। इस प्रक्रिया में एक कंपनी अपने किसी आंतरिक कार्य के लिए दूसरी कंपनी के साथ समझौता करके उससे वह काम करवाती है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचार के त्वरित तरीकों एवं सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में वृद्धि हुई है। विश्व व्यापार संगठन (W.T.O..) की स्थापना 1जनवरी 1995 में गैट (GATT) के उत्तराधिकारी संगठन के रूप में हुई थी।विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय जेनेवा में है। इस संगठन का प्रथम मंत्रीस्तरीय सम्मेलन सिंगापुर में दिसम्बर 1996 ई. में हुआ। इस संगठन के मुख्य उद्दे्श्य विश्व में मुक्त, अधिक पारदर्शी तथा अधिक अनुमन्य व्यापार व्यवस्था की स्थापना करना है। अत: दिए गए कथन I और II दोनों सत्य हैं।

Explanations:

: आउटसोर्सिंग वैश्वीकरण के महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। इस प्रक्रिया में एक कंपनी अपने किसी आंतरिक कार्य के लिए दूसरी कंपनी के साथ समझौता करके उससे वह काम करवाती है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचार के त्वरित तरीकों एवं सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में वृद्धि हुई है। विश्व व्यापार संगठन (W.T.O..) की स्थापना 1जनवरी 1995 में गैट (GATT) के उत्तराधिकारी संगठन के रूप में हुई थी।विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय जेनेवा में है। इस संगठन का प्रथम मंत्रीस्तरीय सम्मेलन सिंगापुर में दिसम्बर 1996 ई. में हुआ। इस संगठन के मुख्य उद्दे्श्य विश्व में मुक्त, अधिक पारदर्शी तथा अधिक अनुमन्य व्यापार व्यवस्था की स्थापना करना है। अत: दिए गए कथन I और II दोनों सत्य हैं।