Correct Answer:
Option B - डिम्बवाहिनी नली अंडाशय से शुरू होती है, इसका दूसरा सिरा गर्भाशय से जुड़ा होता है। यह अण्डाणु को गर्भाशय में पहुँचाती है। जब अण्डाणु अण्डाशय से देहगुहा में आता है, तो यह पूर्ण परिपक्व नहीं होता इसका परिपक्वन डिम्बवाहिनी में ही होता है। निषेचन की क्रिया भी डिम्बवाहिनी में ही होती है। गर्भाशय के निचले सँकरे भाग को गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) कहते हैं, यह योनि में खुलता है। गर्भाशय का मुख्य कार्य निषेचित अण्डाणु को भ्रूण में परिर्वितत होने तथा इसके विकास के लिए स्थान प्रदान करना है।
B. डिम्बवाहिनी नली अंडाशय से शुरू होती है, इसका दूसरा सिरा गर्भाशय से जुड़ा होता है। यह अण्डाणु को गर्भाशय में पहुँचाती है। जब अण्डाणु अण्डाशय से देहगुहा में आता है, तो यह पूर्ण परिपक्व नहीं होता इसका परिपक्वन डिम्बवाहिनी में ही होता है। निषेचन की क्रिया भी डिम्बवाहिनी में ही होती है। गर्भाशय के निचले सँकरे भाग को गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) कहते हैं, यह योनि में खुलता है। गर्भाशय का मुख्य कार्य निषेचित अण्डाणु को भ्रूण में परिर्वितत होने तथा इसके विकास के लिए स्थान प्रदान करना है।