Correct Answer:
Option C - जब मृदा की धारण क्षमता बहुत कम हो, निर्माण क्षेत्र में बैठाव की सम्भावना अधिक हो, भूमिगत जल-स्तर की अनिश्चितता हो तब ऐसी स्थितियों में रॉफ्ट या मैट नींव सबसे उपयुक्त एवं मितव्ययी सिद्ध होती है। इस प्रकार की नींव में पूरे क्षेत्र में फर्श की भाँति एक मोटी प्रबलित सीमेन्ट कंक्रीट की आधार स्लैब डाल दी जाती है।
C. जब मृदा की धारण क्षमता बहुत कम हो, निर्माण क्षेत्र में बैठाव की सम्भावना अधिक हो, भूमिगत जल-स्तर की अनिश्चितता हो तब ऐसी स्थितियों में रॉफ्ट या मैट नींव सबसे उपयुक्त एवं मितव्ययी सिद्ध होती है। इस प्रकार की नींव में पूरे क्षेत्र में फर्श की भाँति एक मोटी प्रबलित सीमेन्ट कंक्रीट की आधार स्लैब डाल दी जाती है।