Correct Answer:
Option A - हेपीटाइटिस, जिसे पीलिया या जाँन्डिस (Jaundice) भी कहा जाता है वायरस जनित रोग है। इससे प्रभावित होने वाला अंग यकृत ( Liver) है। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति के रक्त में पित्त-वर्णक (Bile Pigment)अधिक मात्रा में चला आता है। इसमें यकृत में पित्त वर्णक का निर्माण अधिक मात्रा में होने लगता है, परन्तु यकृत की कोशिकाएँ इसका उत्सर्जन निम्न मात्रा में करती है। फलत: पित्त वर्णक यकृत शिरा के माध्यम से रक्त में प्रवेश कर जाता है। पेशाब भी पीला हो जाता है। खून में पित्त (Bile) बढ़ जाता है।
A. हेपीटाइटिस, जिसे पीलिया या जाँन्डिस (Jaundice) भी कहा जाता है वायरस जनित रोग है। इससे प्रभावित होने वाला अंग यकृत ( Liver) है। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति के रक्त में पित्त-वर्णक (Bile Pigment)अधिक मात्रा में चला आता है। इसमें यकृत में पित्त वर्णक का निर्माण अधिक मात्रा में होने लगता है, परन्तु यकृत की कोशिकाएँ इसका उत्सर्जन निम्न मात्रा में करती है। फलत: पित्त वर्णक यकृत शिरा के माध्यम से रक्त में प्रवेश कर जाता है। पेशाब भी पीला हो जाता है। खून में पित्त (Bile) बढ़ जाता है।