search
Q: ‘होतृकार:’ इस शब्द की सिद्धि करने वाला सूत्र है?
  • A. अक: सवर्णे दीर्घ:
  • B. अन्तादिवच्च
  • C. ङिच्च
  • D. निपात एकाजनाङ्
Correct Answer: Option A - ‘होतृकार:’ इस शब्द की सिद्धि करने वाला सूत्र ‘अक: सवर्णे दीर्घ’ है। अत: इस सूत्र के अनुसार यदि ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ स्वर के अनन्तर सवर्ण ह्रस्व या दीर्घ स्वर आवे, तो दोनों के स्थान में ‘सवर्ण-दीर्घ’ स्वर होता है, यथा–होतृ+ऋकार:=होतृकार:।
A. ‘होतृकार:’ इस शब्द की सिद्धि करने वाला सूत्र ‘अक: सवर्णे दीर्घ’ है। अत: इस सूत्र के अनुसार यदि ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ स्वर के अनन्तर सवर्ण ह्रस्व या दीर्घ स्वर आवे, तो दोनों के स्थान में ‘सवर्ण-दीर्घ’ स्वर होता है, यथा–होतृ+ऋकार:=होतृकार:।

Explanations:

‘होतृकार:’ इस शब्द की सिद्धि करने वाला सूत्र ‘अक: सवर्णे दीर्घ’ है। अत: इस सूत्र के अनुसार यदि ह्रस्व या दीर्घ अ, इ, उ, ऋ स्वर के अनन्तर सवर्ण ह्रस्व या दीर्घ स्वर आवे, तो दोनों के स्थान में ‘सवर्ण-दीर्घ’ स्वर होता है, यथा–होतृ+ऋकार:=होतृकार:।