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Q: एक ही कथानायक ‘चेतन’ उपेन्द्रनाथ के कई उपन्यासों का केन्द्रीय पात्र है। उनके किस उपन्यास का नायक ‘चेतन’ नहीं है?
  • A. गिरती दीवारें
  • B. शहर में घूमता आइना
  • C. गर्म राख
  • D. एक नन्हीं कंदील
Correct Answer: Option C - एक ही कथानायक ‘चेतन’ उपेन्द्रनाथ के कई उपन्यासों का केन्द्रीय पात्र है। उनके उपन्यास ‘गर्म राख’ का नायक चेतन नहीं हैं। ‘गर्म राख’ उपन्यास का प्रमुख पात्र ‘जगमोहन’ है। जबकि ‘अश्क’ के उपन्यास गिरती दीवारें, शहर में घूमता आईना, एक नन्हीं कन्दील, बांधो न नाव इस ठांव का प्रमुख पात्र ‘चेतन’ है।
C. एक ही कथानायक ‘चेतन’ उपेन्द्रनाथ के कई उपन्यासों का केन्द्रीय पात्र है। उनके उपन्यास ‘गर्म राख’ का नायक चेतन नहीं हैं। ‘गर्म राख’ उपन्यास का प्रमुख पात्र ‘जगमोहन’ है। जबकि ‘अश्क’ के उपन्यास गिरती दीवारें, शहर में घूमता आईना, एक नन्हीं कन्दील, बांधो न नाव इस ठांव का प्रमुख पात्र ‘चेतन’ है।

Explanations:

एक ही कथानायक ‘चेतन’ उपेन्द्रनाथ के कई उपन्यासों का केन्द्रीय पात्र है। उनके उपन्यास ‘गर्म राख’ का नायक चेतन नहीं हैं। ‘गर्म राख’ उपन्यास का प्रमुख पात्र ‘जगमोहन’ है। जबकि ‘अश्क’ के उपन्यास गिरती दीवारें, शहर में घूमता आईना, एक नन्हीं कन्दील, बांधो न नाव इस ठांव का प्रमुख पात्र ‘चेतन’ है।