Correct Answer:
Option D - आपने देखा होगा सार्वजनकि स्थानों जैसे– पार्क, स्टेशन, बाजार पर्यटन स्थल आदि में दो रंग के कूड़ेदान (हरा और नीला) रखे जाते हैं। जैविक कचरा (जैव निम्नीकरणीय ठोस अपशिष्ट जैसे– फलों एवं सब्जियों के छिलके, जानवरों के मल–मूत्र, सूखी पत्तियाँ आदि) और अजैविक कचरा (जैसे– प्लास्टिक, काँच, बोतल तथा खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) का निस्तारण अलग–अलग करने के लिए व्यवस्था की जाती है। हरे कूड़ेदान में जैविक कचरा तथा नीले कूड़ेदान में अजैविक कचरा डाला जाता है। आप भी अपने घर और विद्यालय में दो कूड़ेदान रखकर जैविक तथा अजैविक कचरे का अलग–अलग निस्तारण कर उपरोक्त तरीके से पुन: चक्रित कर सकते हैं।
अत: जैव निम्नीकरण ठोस अपशिष्ट फेंकने के लिए हरे रंग के कचरेदान का उपयोग करते हैं जबकि पुन: चक्रित करने योग्य अपशिष्ट नीले रंग के कूड़ेदान में फेंके जाते हैं।
ज्ञातव्य है कि अस्पतालों से निकलने वाला चिकित्सीय अपशिष्ट लाल रंग के कूड़ेदान में एकत्रित किया जाता है।
D. आपने देखा होगा सार्वजनकि स्थानों जैसे– पार्क, स्टेशन, बाजार पर्यटन स्थल आदि में दो रंग के कूड़ेदान (हरा और नीला) रखे जाते हैं। जैविक कचरा (जैव निम्नीकरणीय ठोस अपशिष्ट जैसे– फलों एवं सब्जियों के छिलके, जानवरों के मल–मूत्र, सूखी पत्तियाँ आदि) और अजैविक कचरा (जैसे– प्लास्टिक, काँच, बोतल तथा खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) का निस्तारण अलग–अलग करने के लिए व्यवस्था की जाती है। हरे कूड़ेदान में जैविक कचरा तथा नीले कूड़ेदान में अजैविक कचरा डाला जाता है। आप भी अपने घर और विद्यालय में दो कूड़ेदान रखकर जैविक तथा अजैविक कचरे का अलग–अलग निस्तारण कर उपरोक्त तरीके से पुन: चक्रित कर सकते हैं।
अत: जैव निम्नीकरण ठोस अपशिष्ट फेंकने के लिए हरे रंग के कचरेदान का उपयोग करते हैं जबकि पुन: चक्रित करने योग्य अपशिष्ट नीले रंग के कूड़ेदान में फेंके जाते हैं।
ज्ञातव्य है कि अस्पतालों से निकलने वाला चिकित्सीय अपशिष्ट लाल रंग के कूड़ेदान में एकत्रित किया जाता है।