Explanations:
हर्यंक वंश का शासक अजातशत्रु, बिम्बिसार का पुत्र था। अजातशत्रु 492 ई. पू. में अपने पिता बिम्बिसार की हत्या करके गद्दी पर बैठा। अजातशत्रु का उपनाम कुणिक था तथा प्रारम्भ में वह जैन धर्म का अनुयायी था परन्तु बाद में इसने बौद्ध धर्म अपना लिया। इसने राजगृह में स्तूपों का निर्माण करवाया और 483 ई. पू. राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन किया।