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Q: होम चार्जेस या ब्रिटेन में भारतीय सरकार के खर्चे में समाहित थे।
  • A. ब्रिटिश भारतीय अधिकारियों के पेंशन
  • B. भारत में खरीदे गए सैन्य एवं अन्य भण्डार
  • C. रेलवे के गारंटिड ब्याज
  • D. उपर्युक्त सभी
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Correct Answer: Option E - ब्रिटेन के व्यापार से जो अधिशेष हासिल होता था उसे तथाकथित होम चार्जेस या देसी खर्च का निपटारा होता था। इसके तहत ब्रितानी अफसरों और व्यपारियों द्वारा अपने घर में भेजी गई निजी रकम भारतीय बाहरी कर्जे पर ब्याज और भारत में काम कर चुके ब्रितानी अफसरों के पेंशन शामिल थे। देशी खर्च भारत में सम्पत्ति दोहन का महत्वपूर्ण अंग था।
E. ब्रिटेन के व्यापार से जो अधिशेष हासिल होता था उसे तथाकथित होम चार्जेस या देसी खर्च का निपटारा होता था। इसके तहत ब्रितानी अफसरों और व्यपारियों द्वारा अपने घर में भेजी गई निजी रकम भारतीय बाहरी कर्जे पर ब्याज और भारत में काम कर चुके ब्रितानी अफसरों के पेंशन शामिल थे। देशी खर्च भारत में सम्पत्ति दोहन का महत्वपूर्ण अंग था।

Explanations:

ब्रिटेन के व्यापार से जो अधिशेष हासिल होता था उसे तथाकथित होम चार्जेस या देसी खर्च का निपटारा होता था। इसके तहत ब्रितानी अफसरों और व्यपारियों द्वारा अपने घर में भेजी गई निजी रकम भारतीय बाहरी कर्जे पर ब्याज और भारत में काम कर चुके ब्रितानी अफसरों के पेंशन शामिल थे। देशी खर्च भारत में सम्पत्ति दोहन का महत्वपूर्ण अंग था।