.
What is the Path MTU (Maximum Transmission Unit)?
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढि़ए तथा प्रश्न संख्या 66 से 70 तक के उत्तर इस गद्यांश के आधार पर दीजिए- ‘‘हर एक राष्ट्र अपनी संस्कृति के बल पर ही प्रगति करता है। सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से ही वह अपना जीवन सुखी, उपयोगी, शान्त तथा आनन्दमय बना सकता है। सभ्यता एवं संस्कृति में घनिष्ठ सम्बन्ध होते हुए भी अंतर है। जीवन को श्रेष्ठ तथा उन्नत बनाने के साधनों का नाम संस्कृति है और उन साधनों से प्राप्त जीवन प्रणाली का नाम सभ्यता है। किसी राष्ट्र की भौगोलिक परिस्थितियों का भी उसकी संस्कृति पर प्रभाव पड़ता है।’’ गद्यांश में किस शब्द का प्रयोग नहीं है?
JEEVIKA (Gram Livelihood Mission) का लक्षित वर्ग कौन-सा है?
Bharatanatyam’s theoretical foundation has been found in which of the following scriptures?
आलू के उत्पादन में भारत में उत्तर प्रदेश का स्थान क्या है?
The length of the lap in a compression member is kept greater than [bar diameter × (Permissible stress in bar)/(Five times the bond stress)] or is ............
नीचे दिए गए प्रश्न में एक कथन है, जिसके बाद दो तर्क 1 और 2 दिए गए हैं। आपकों यह तय करना है कि कौन-सा तर्क एक प्रबल तर्क है और कौन-सा दुर्बल तर्क है। उत्तर दीजिए : (A) यदि केवल तर्क 1 प्रबल है। (B) यदि केवल तर्क 2 प्रबल है। (C) यदि या तो 1 या 2 प्रबल है (D) यदि न तो 1 और न ही 2 प्रबल है और (E) यदि 1 और 2 दोनों प्रबल हैं। कथन : क्या वनोें की कटाई पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए? तर्क : 1. हाँ, यह संभवत: पारिस्थितिक संतुलन को बहाल कर सकता है। 2. नहीं, पूरी तरह से रोक लगाने से लकड़ी आधारित उद्योगों को नुकसान होगा।
Select the option in which the numbers are related in the same way as the numbers are in the given set. 4, 20, 28
उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति कार्याणि न मनोरथै:। न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगा:।। 1।। सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रवि:। सत्येन वाति वायुश्च सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम् ।। 2।। सद्भिेव सहासीत सद्भि कुर्वीत सङ्गतिम्। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भि: किञ्चिदाचरेत्।।3।। मित्रेण कलहं कृत्वा न कदापि सुखी जन:। इति ज्ञात्वा प्रयासेन तदेव परिवर्जयेत्।।4।। प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तव:। तस्मात् प्रियं हि वक्तव्यं वचने का दरिद्रता ।।5।। श्रेष्ठं जनं गुरुं चापि मातरं पितरं तथा। मनसा कर्मणा वाचा सेवेत सततं सदा।।6।। 2.कै: न किञ्चिदाचरेत्?
Explanations:
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Excepturi, esse.
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized experiences.