Correct Answer:
Option B - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT) ने हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत वे MATSYA-6000 नामक गहरे समुद्र में जाने वाली मानव पनडुब्बी का संयुक्त विकास करेंगे। यह ‘समुंद्रयान’ परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो डीप ओशन मिशन के तहत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा संचालित की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत की गहरे समुद्र में अनुसंधान क्षमता को बढ़ाना है।
B. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT) ने हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत वे MATSYA-6000 नामक गहरे समुद्र में जाने वाली मानव पनडुब्बी का संयुक्त विकास करेंगे। यह ‘समुंद्रयान’ परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो डीप ओशन मिशन के तहत पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा संचालित की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत की गहरे समुद्र में अनुसंधान क्षमता को बढ़ाना है।