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Q: गोमयाद् वृश्चिक: जायते–रेखाङ्कतिपदस्य अपादानसञ्ज्ञा विधायकं सूत्रम् –
  • A. भुव: प्रभव:
  • B. जनिकर्तु: प्रकृति
  • C. पराजेरसोढ:
  • D. आख्यातोपयोगे
Correct Answer: Option B - गोमयाद् वृश्चिक: जायते इस वाक्य में गोमयाद् की अपादान सञ्ज्ञा ‘जनिकर्तु: प्रकृति:’· सूत्र से हुई है। गोमयाद् वृश्चिक: जायते अर्थात् गोबर से वृश्चिक उत्पन्न होता है। ‘‘जनिकर्तु: प्रकृति: · जन् धातु के कर्त्ता (जायमान) के करण की अपादान सञ्ज्ञा होती है।
B. गोमयाद् वृश्चिक: जायते इस वाक्य में गोमयाद् की अपादान सञ्ज्ञा ‘जनिकर्तु: प्रकृति:’· सूत्र से हुई है। गोमयाद् वृश्चिक: जायते अर्थात् गोबर से वृश्चिक उत्पन्न होता है। ‘‘जनिकर्तु: प्रकृति: · जन् धातु के कर्त्ता (जायमान) के करण की अपादान सञ्ज्ञा होती है।

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गोमयाद् वृश्चिक: जायते इस वाक्य में गोमयाद् की अपादान सञ्ज्ञा ‘जनिकर्तु: प्रकृति:’· सूत्र से हुई है। गोमयाद् वृश्चिक: जायते अर्थात् गोबर से वृश्चिक उत्पन्न होता है। ‘‘जनिकर्तु: प्रकृति: · जन् धातु के कर्त्ता (जायमान) के करण की अपादान सञ्ज्ञा होती है।