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Q: रचना – विधा की दृष्टि से ‘वोल्गा से गंगा’ है–
  • A. कहानी
  • B. नाटक
  • C. उपन्यास
  • D. यात्रावृत्तान्त
Correct Answer: Option A - रचना-विधा की दृष्टि से ‘वोल्गा से गंगा’ ‘कहानी’ है। जिसके रचनाकार राहुल सांस्कृत्यायन हैं। इनकी एक अन्य कहानी- ‘सतमी के बच्चे’ (1935) है। ‘वोल्गाा से गंगा’ राहुल सांकृत्यायन द्वारा लिखी गई 20 कहानियों का संग्रह है। प्रथम 4 कहानियाँ (निशा, दिवा, अमृताश्व, पुरुहुत) मनुष्य के आदम जीवन से संंबंधित है। अगली 4 कहानियों (पुरुधान, अंगिरा, सुदास, प्रवाहण) में वेद, पुराण, महाभारत, उपनिषदों को आधार बनाया गया है। राहुल सांकृत्यायन की प्रमुख कहानियाँ–सतमी के बच्चे, वोल्गा से गंगा, बहुरंगी मधुपुरी, कनैला की कथा आदि है।
A. रचना-विधा की दृष्टि से ‘वोल्गा से गंगा’ ‘कहानी’ है। जिसके रचनाकार राहुल सांस्कृत्यायन हैं। इनकी एक अन्य कहानी- ‘सतमी के बच्चे’ (1935) है। ‘वोल्गाा से गंगा’ राहुल सांकृत्यायन द्वारा लिखी गई 20 कहानियों का संग्रह है। प्रथम 4 कहानियाँ (निशा, दिवा, अमृताश्व, पुरुहुत) मनुष्य के आदम जीवन से संंबंधित है। अगली 4 कहानियों (पुरुधान, अंगिरा, सुदास, प्रवाहण) में वेद, पुराण, महाभारत, उपनिषदों को आधार बनाया गया है। राहुल सांकृत्यायन की प्रमुख कहानियाँ–सतमी के बच्चे, वोल्गा से गंगा, बहुरंगी मधुपुरी, कनैला की कथा आदि है।

Explanations:

रचना-विधा की दृष्टि से ‘वोल्गा से गंगा’ ‘कहानी’ है। जिसके रचनाकार राहुल सांस्कृत्यायन हैं। इनकी एक अन्य कहानी- ‘सतमी के बच्चे’ (1935) है। ‘वोल्गाा से गंगा’ राहुल सांकृत्यायन द्वारा लिखी गई 20 कहानियों का संग्रह है। प्रथम 4 कहानियाँ (निशा, दिवा, अमृताश्व, पुरुहुत) मनुष्य के आदम जीवन से संंबंधित है। अगली 4 कहानियों (पुरुधान, अंगिरा, सुदास, प्रवाहण) में वेद, पुराण, महाभारत, उपनिषदों को आधार बनाया गया है। राहुल सांकृत्यायन की प्रमुख कहानियाँ–सतमी के बच्चे, वोल्गा से गंगा, बहुरंगी मधुपुरी, कनैला की कथा आदि है।