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Q: एक विलयन का pH 3 है जब pH 6 तक परिवर्तित होता है तो H⁺ आयन सान्द्रता
  • A. दो गुना बढ़ जाती है।
  • B. तीन गुना बढ़ जाती है।
  • C. 100 गुना घट जाती है।
  • D. 1000 गुना घट जाती है।
Correct Answer: Option D - ज्प् किसी विलयन की अम्लता या क्षारकता की एक माप है। इसे द्रवीकृत हाइड्रोजन आयनों (H⁺) की गतिविधि के सह लघुगुणक के रूप में परिभाषित किया जाता है। यदि किसी विलयन का pH मान 3 हो तो H⁺ आयन की सान्द्रता 10⁻³ मोल/लीटर होगी। इसी प्रकार यदि किसी विलयन का pH मान 6 हो तो H⁺ आयन की सान्द्रता 10⁻⁶ मोल/लीटर होगी जो पहली सान्द्रता से 1000 गुना कम होगी।
D. ज्प् किसी विलयन की अम्लता या क्षारकता की एक माप है। इसे द्रवीकृत हाइड्रोजन आयनों (H⁺) की गतिविधि के सह लघुगुणक के रूप में परिभाषित किया जाता है। यदि किसी विलयन का pH मान 3 हो तो H⁺ आयन की सान्द्रता 10⁻³ मोल/लीटर होगी। इसी प्रकार यदि किसी विलयन का pH मान 6 हो तो H⁺ आयन की सान्द्रता 10⁻⁶ मोल/लीटर होगी जो पहली सान्द्रता से 1000 गुना कम होगी।

Explanations:

ज्प् किसी विलयन की अम्लता या क्षारकता की एक माप है। इसे द्रवीकृत हाइड्रोजन आयनों (H⁺) की गतिविधि के सह लघुगुणक के रूप में परिभाषित किया जाता है। यदि किसी विलयन का pH मान 3 हो तो H⁺ आयन की सान्द्रता 10⁻³ मोल/लीटर होगी। इसी प्रकार यदि किसी विलयन का pH मान 6 हो तो H⁺ आयन की सान्द्रता 10⁻⁶ मोल/लीटर होगी जो पहली सान्द्रता से 1000 गुना कम होगी।