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Q: निम्नलिखित में से किस नदी को वैदिक काल में पुरुषनी के नाम से जाना जाता था?
  • A. चिनाब
  • B. सतलज
  • C. व्यास
  • D. रावी
Correct Answer: Option D - रावी नदी को वैदिक काल (ऋग्वैदिक काल) में परुष्णी के नाम से जाना जाता था। दसराज्ञ युद्ध का उल्लेख ऋग्वेद के 7 वें मंडल में है, यह युद्ध परुष्णी नदी के तट पर सुदास एवं दस जनों के बीच लड़ा गया, जिसमें सुदास विजयी हुआ। रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे से निकलकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा पंजाब होते हुए पाकिस्तान में चली जाती है। अस्किनी को चिनाब, शतुद्रि को सतलज तथा विपाशा को व्यास के आधुनिक नाम से जाना जाता है।
D. रावी नदी को वैदिक काल (ऋग्वैदिक काल) में परुष्णी के नाम से जाना जाता था। दसराज्ञ युद्ध का उल्लेख ऋग्वेद के 7 वें मंडल में है, यह युद्ध परुष्णी नदी के तट पर सुदास एवं दस जनों के बीच लड़ा गया, जिसमें सुदास विजयी हुआ। रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे से निकलकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा पंजाब होते हुए पाकिस्तान में चली जाती है। अस्किनी को चिनाब, शतुद्रि को सतलज तथा विपाशा को व्यास के आधुनिक नाम से जाना जाता है।

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रावी नदी को वैदिक काल (ऋग्वैदिक काल) में परुष्णी के नाम से जाना जाता था। दसराज्ञ युद्ध का उल्लेख ऋग्वेद के 7 वें मंडल में है, यह युद्ध परुष्णी नदी के तट पर सुदास एवं दस जनों के बीच लड़ा गया, जिसमें सुदास विजयी हुआ। रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रोहतांग दर्रे से निकलकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा पंजाब होते हुए पाकिस्तान में चली जाती है। अस्किनी को चिनाब, शतुद्रि को सतलज तथा विपाशा को व्यास के आधुनिक नाम से जाना जाता है।