Correct Answer:
Option C - श्रेणीक्रम परिपथ में केवल एक पथ होता है जिसमें वैद्युत धारा प्रवाहित होती है। श्रेणी क्रम परिपथ के किसी बिन्दु को खोलने या तोड़ने पर पूरा परिपथ खुल जाता है या टूट जाता है। ऐसे में सभी प्रतिरोधो का तुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के जोड़ के बराबर होता है। अर्थात् R = R₁ + R₂ + R₃+............
C. श्रेणीक्रम परिपथ में केवल एक पथ होता है जिसमें वैद्युत धारा प्रवाहित होती है। श्रेणी क्रम परिपथ के किसी बिन्दु को खोलने या तोड़ने पर पूरा परिपथ खुल जाता है या टूट जाता है। ऐसे में सभी प्रतिरोधो का तुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के जोड़ के बराबर होता है। अर्थात् R = R₁ + R₂ + R₃+............