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Q: एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्पों में से सही विकल्प चुने। जल के बिना जीवन संभव नहीं है। जल प्रकृति द्वारा मानव को दिया गया एक अनमोल तोहफा है, जिसका मूल्य लगाना बहुत कठिन है। जल के बिना जीवन का कोई महत्व नहीं, न ही कोई अस्तित्व है, फिर चाहे वो जीवन पशुओ का हो या मनुष्यों का। किन्तु आधुनिक युग में आदमी की लापरवाही ने धरती पर जल की कमी जैसी समस्या को उत्पन्न कर दिया है, जिसके भयंकर परिणामस्वरूप आज कई इलाके सूखाग्रस्त हैं एवं पीने योग्य पानी के लिए तरस रहे हैं। पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है। इस तीन-चौथाई जल का 97 प्रतिशत जल नमकीन है जो मनुष्य द्वारा प्रयोग करने लायक नहीं है। सिर्फ 3 प्रतिशत जल उपयोग में लाने लायक है। यह विश्वव्यापी समस्या है इसलिए पूरे विश्व के लोगों को मिलजुल कर इसमें सहयोग करना होगा तभी इस अमूल्य सम्पदा को बचाया जा सकता है। जल सरंक्षण का साधारण अर्थ है, किसी भी भांति जल को बचाना। जल के लगातार बर्बादी की वजह से जमीन में जल का स्तर गिरता जा रहा है। अब लोगों को कुएं में पानी नहीं मिलता है। जल सरंक्षण का मुख्य उपाय है, बारिश के जल को स्टोर करना व पानी का दुरूपयोग रोकना। हमारे कुछ छोटे प्रयास जल संरक्षण में उपयोगी साबित हो सकते हैं। कृषि कार्यों में सिंचाई के लिए बून्द बून्द वाली सिंचाई करना उपयोगी है। बून्द बून्द सिंचाई से पानी की कम बर्बादी होती है। जल संरक्षण को सफल बनाने का सबसे कारगर उपाय सामाजिक जागरूकता है। Q. किस युग में धरती पर जल की कमी जैसी समस्या उत्पन्न हुई हैं?
  • A. माध्यमिक युग
  • B. प्राचीन काल
  • C. पारंभिक युग
  • D. आधुनिक युग
Correct Answer: Option D - आधुनिक युग में धरती पर जल की कमी जैसी समस्या उत्पन्न हुई हैं।
D. आधुनिक युग में धरती पर जल की कमी जैसी समस्या उत्पन्न हुई हैं।

Explanations:

आधुनिक युग में धरती पर जल की कमी जैसी समस्या उत्पन्न हुई हैं।