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Q: श्रीहर्ष द्वारा रचित महाकाव्य ‘नैषधचरित’ में कितने सर्ग हैं?
  • A. 18 सर्ग
  • B. 17 सर्ग
  • C. 20 सर्ग
  • D. 22 सर्ग
Correct Answer: Option D - श्रीहर्ष द्वारा रचित महाकाव्य नैषधचरित में कुल 22 सर्ग हैं। विद्वानों ने इसे औषधि कहा है। इसमें नल-दमयंती के प्रणय से लेकर परिणय (विवाह) तक का सांङ्गोपाङ्ग वर्णन है। नैषधीयचरितम् महाकाव्य श्रीहर्ष के गुण-गौरव और विद्वता का आकार है।
D. श्रीहर्ष द्वारा रचित महाकाव्य नैषधचरित में कुल 22 सर्ग हैं। विद्वानों ने इसे औषधि कहा है। इसमें नल-दमयंती के प्रणय से लेकर परिणय (विवाह) तक का सांङ्गोपाङ्ग वर्णन है। नैषधीयचरितम् महाकाव्य श्रीहर्ष के गुण-गौरव और विद्वता का आकार है।

Explanations:

श्रीहर्ष द्वारा रचित महाकाव्य नैषधचरित में कुल 22 सर्ग हैं। विद्वानों ने इसे औषधि कहा है। इसमें नल-दमयंती के प्रणय से लेकर परिणय (विवाह) तक का सांङ्गोपाङ्ग वर्णन है। नैषधीयचरितम् महाकाव्य श्रीहर्ष के गुण-गौरव और विद्वता का आकार है।