Correct Answer:
Option D - श्रीहर्ष द्वारा रचित महाकाव्य नैषधचरित में कुल 22 सर्ग हैं। विद्वानों ने इसे औषधि कहा है। इसमें नल-दमयंती के प्रणय से लेकर परिणय (विवाह) तक का सांङ्गोपाङ्ग वर्णन है। नैषधीयचरितम् महाकाव्य श्रीहर्ष के गुण-गौरव और विद्वता का आकार है।
D. श्रीहर्ष द्वारा रचित महाकाव्य नैषधचरित में कुल 22 सर्ग हैं। विद्वानों ने इसे औषधि कहा है। इसमें नल-दमयंती के प्रणय से लेकर परिणय (विवाह) तक का सांङ्गोपाङ्ग वर्णन है। नैषधीयचरितम् महाकाव्य श्रीहर्ष के गुण-गौरव और विद्वता का आकार है।