Correct Answer:
Option A - 16वीं सदी में राजा कृष्ण देवराय का तेलुगू साहित्य का स्वर्ण युग था। कृष्ण देव राय ने आमुक्तमाल्यद की रचना की। उनके दरबार में आठ तेलुगू कवि थे, जो अष्टदिग्गज कहलाते थे। इनमें प्रमुख थे- अल्लसानी, पेद्दन्ना, नदी तिम्मन्न, अय्याला राजू, मदीयगरी आदि।
तेलुगू भाषा आन्ध्र प्रदेश में बोली जाती है। नन्नय भट्ट को तेलुगू का आदि कवि कहा जाता है।
A. 16वीं सदी में राजा कृष्ण देवराय का तेलुगू साहित्य का स्वर्ण युग था। कृष्ण देव राय ने आमुक्तमाल्यद की रचना की। उनके दरबार में आठ तेलुगू कवि थे, जो अष्टदिग्गज कहलाते थे। इनमें प्रमुख थे- अल्लसानी, पेद्दन्ना, नदी तिम्मन्न, अय्याला राजू, मदीयगरी आदि।
तेलुगू भाषा आन्ध्र प्रदेश में बोली जाती है। नन्नय भट्ट को तेलुगू का आदि कवि कहा जाता है।