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Q: ढाका मस्लिन बुने हुए पैटर्न के साथ...............के नाम से जाने जाते हैं।
  • A. जामदानी
  • B. चंदेरी
  • C. बालूचर
  • D. बूटीयाँ
Correct Answer: Option A - ढाका मस्लिन बुने हुए पैटर्न के साथ जामदानी के नाम से जाने जाते हैं। ढाका की साडि़यों वस्त्रो में बोर्डर पर पशु-पक्षी, मोर, हंस, उड़ती चिडि़या, नृत्य करती मानव आकृतियाँ आदि के नमूने बने होते है। नमूने सोने-चाँदी के तारों से काढ़े जाते थे इन्ही सोने-चाँदी के तारों से बने हुए नमूने युक्त साडि़यों को जामदानी कहा जाता था। जामदानी साडि़याँ काफी लोकप्रिय थी। महिलाये इसे बड़े ही अच्छे तरीके से सहेज- सम्भालकर रखती थी। उनमें जामदानी साडि़यों के प्रति काफी उत्साह रहता था तथा वे इसे अपने ऐश्वर्य का प्रतीक मानती थी।
A. ढाका मस्लिन बुने हुए पैटर्न के साथ जामदानी के नाम से जाने जाते हैं। ढाका की साडि़यों वस्त्रो में बोर्डर पर पशु-पक्षी, मोर, हंस, उड़ती चिडि़या, नृत्य करती मानव आकृतियाँ आदि के नमूने बने होते है। नमूने सोने-चाँदी के तारों से काढ़े जाते थे इन्ही सोने-चाँदी के तारों से बने हुए नमूने युक्त साडि़यों को जामदानी कहा जाता था। जामदानी साडि़याँ काफी लोकप्रिय थी। महिलाये इसे बड़े ही अच्छे तरीके से सहेज- सम्भालकर रखती थी। उनमें जामदानी साडि़यों के प्रति काफी उत्साह रहता था तथा वे इसे अपने ऐश्वर्य का प्रतीक मानती थी।

Explanations:

ढाका मस्लिन बुने हुए पैटर्न के साथ जामदानी के नाम से जाने जाते हैं। ढाका की साडि़यों वस्त्रो में बोर्डर पर पशु-पक्षी, मोर, हंस, उड़ती चिडि़या, नृत्य करती मानव आकृतियाँ आदि के नमूने बने होते है। नमूने सोने-चाँदी के तारों से काढ़े जाते थे इन्ही सोने-चाँदी के तारों से बने हुए नमूने युक्त साडि़यों को जामदानी कहा जाता था। जामदानी साडि़याँ काफी लोकप्रिय थी। महिलाये इसे बड़े ही अच्छे तरीके से सहेज- सम्भालकर रखती थी। उनमें जामदानी साडि़यों के प्रति काफी उत्साह रहता था तथा वे इसे अपने ऐश्वर्य का प्रतीक मानती थी।