Explanations:
अकबर की प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन आगरा से होता था। सन् 1556 से 1605 तक में अकबर ने स्वयं सत्ता सम्भाली और अपने शासनकाल में ताँबे, चाँदी और सोने की मुद्राएँ प्रचलित की। अकबर की प्रशासनिक व्यवस्था को ‘मुगल प्रशासनिक व्यवस्था’ के नाम से भी जाना जाता है।