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Q: Kshitindra Nath Majumdar was master in_____technique./ क्षितीन्द्रनाथ मजुमदार ________ तकनीक में सिद्ध हस्त थे।
  • A. Oil/तेल
  • B. Water/जल
  • C. Wash/वाश
  • D. Tempara/टेम्परा
Correct Answer: Option C - क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार जल रंग (वॉश) तकनीक में सिद्ध हस्त थे। ये बंगाल शैली के संत कलाकार के रूप में जाने जाते हैं। अवनीन्द्र नाथ इनके कला गुरु थे। • क्षितीन्द्रनाथ का जन्म 1891 ई. में मुर्शिदाबाद (बंगाल) में हुआ था। सन् 1942 ई. से आपने 22 वर्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ‘ललित कला विभाग’ में अध्यक्ष रहे। • आपने चैतन्य महाप्रभु की जो शृंखला तैयार की वह अत्यन्त कारुणिक और मर्मस्पर्शी है उदाहरण के लिये ‘चैतन्य की चटशाला गुरु के द्वार पर’, चैतन्य का गृह परित्याग, संत के रूप में, कृष्ण प्रेम में विभोर आदि।
C. क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार जल रंग (वॉश) तकनीक में सिद्ध हस्त थे। ये बंगाल शैली के संत कलाकार के रूप में जाने जाते हैं। अवनीन्द्र नाथ इनके कला गुरु थे। • क्षितीन्द्रनाथ का जन्म 1891 ई. में मुर्शिदाबाद (बंगाल) में हुआ था। सन् 1942 ई. से आपने 22 वर्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ‘ललित कला विभाग’ में अध्यक्ष रहे। • आपने चैतन्य महाप्रभु की जो शृंखला तैयार की वह अत्यन्त कारुणिक और मर्मस्पर्शी है उदाहरण के लिये ‘चैतन्य की चटशाला गुरु के द्वार पर’, चैतन्य का गृह परित्याग, संत के रूप में, कृष्ण प्रेम में विभोर आदि।

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क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार जल रंग (वॉश) तकनीक में सिद्ध हस्त थे। ये बंगाल शैली के संत कलाकार के रूप में जाने जाते हैं। अवनीन्द्र नाथ इनके कला गुरु थे। • क्षितीन्द्रनाथ का जन्म 1891 ई. में मुर्शिदाबाद (बंगाल) में हुआ था। सन् 1942 ई. से आपने 22 वर्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ‘ललित कला विभाग’ में अध्यक्ष रहे। • आपने चैतन्य महाप्रभु की जो शृंखला तैयार की वह अत्यन्त कारुणिक और मर्मस्पर्शी है उदाहरण के लिये ‘चैतन्य की चटशाला गुरु के द्वार पर’, चैतन्य का गृह परित्याग, संत के रूप में, कृष्ण प्रेम में विभोर आदि।