Correct Answer:
Option D - राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में वर्तमान चिंतन और अभ्यास को ध्यान में रखते हुए इसके कुछ मुख्य बिंदु थे–
• NCF 2005 के अनुसार सामाजिक विज्ञान में ज्ञान की प्रक्रिया में समुदाय के लोगों को शामिल किए जाने से स्कूल और समुदाय में साझेदारी होने लगती है।
• सहायक पुस्तकें, कार्य पुस्तिकाएँ, शिक्षकों के लिए मार्गदर्शिकाएँ आदि अभिनव चिंतन और नयी दृष्टियों पर आधारित हों।
• नागरिक शास्त्र को राजनीतिशास्त्र में तब्दील कर दिया जाए तथा इतिहास को बच्चे के अतीत तथा नागरिकता की पहचान की अवधारणा पर प्रभाव डालने वाले विषय के रूप में पहचाना जाए।
• वर्तमान पाठ्यक्रम पाठ्यपुस्तकों की धारणा को केवल शिक्षाप्रद से अधिक प्रस्तावित में बदलने का प्रयास करता है।
• लोकतांत्रिक तरीके द्वारा बच्चों में स्वअनुशासन का विकास हमेशा ही प्रासंगिक रहा है।
अत: उपरोक्त बिंदु से स्पष्ट है कि कथन (I) व (II) दोनों ही सही है।
D. राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में वर्तमान चिंतन और अभ्यास को ध्यान में रखते हुए इसके कुछ मुख्य बिंदु थे–
• NCF 2005 के अनुसार सामाजिक विज्ञान में ज्ञान की प्रक्रिया में समुदाय के लोगों को शामिल किए जाने से स्कूल और समुदाय में साझेदारी होने लगती है।
• सहायक पुस्तकें, कार्य पुस्तिकाएँ, शिक्षकों के लिए मार्गदर्शिकाएँ आदि अभिनव चिंतन और नयी दृष्टियों पर आधारित हों।
• नागरिक शास्त्र को राजनीतिशास्त्र में तब्दील कर दिया जाए तथा इतिहास को बच्चे के अतीत तथा नागरिकता की पहचान की अवधारणा पर प्रभाव डालने वाले विषय के रूप में पहचाना जाए।
• वर्तमान पाठ्यक्रम पाठ्यपुस्तकों की धारणा को केवल शिक्षाप्रद से अधिक प्रस्तावित में बदलने का प्रयास करता है।
• लोकतांत्रिक तरीके द्वारा बच्चों में स्वअनुशासन का विकास हमेशा ही प्रासंगिक रहा है।
अत: उपरोक्त बिंदु से स्पष्ट है कि कथन (I) व (II) दोनों ही सही है।