Correct Answer:
Option A - आकलन की इकाई विधि के लाभ–
(i) कोई चित्र या विनिदे्रश न होने पर भी आकलन तैयार किया जा सकता है।
(ii) कोई टेक-ऑफ या माप की आवश्यकता नहीं है।
(iii) उन इमारतों के लिए उपयोगी जहाँ मानक आकार की इकाइयाँ अधिकांश स्थान घेरती है।
(iv) ग्राहक से बहुत कम जानकारी की आवश्यकता होती है (अर्थात् इकाइयों की सख्ंया), लेकिन ग्राहक से बहुत अधिक जानकारी प्राप्त करना अनुमानक के लिए सहायक होगा।
आकलन की इकाई विधि की हानियाँ–
(i) यह एक विश्वसनीय विधि नहीं है।
(ii) शुद्ध मान से अधिक विचलन या भिन्न तथा यह चित्र या विशिष्टताओं पर आधारित नहीं है। इसलिए इस विधि का प्रयोग परियोजना के वास्तविक निष्पादन के लिए नहीं किया जा सकता है।
A. आकलन की इकाई विधि के लाभ–
(i) कोई चित्र या विनिदे्रश न होने पर भी आकलन तैयार किया जा सकता है।
(ii) कोई टेक-ऑफ या माप की आवश्यकता नहीं है।
(iii) उन इमारतों के लिए उपयोगी जहाँ मानक आकार की इकाइयाँ अधिकांश स्थान घेरती है।
(iv) ग्राहक से बहुत कम जानकारी की आवश्यकता होती है (अर्थात् इकाइयों की सख्ंया), लेकिन ग्राहक से बहुत अधिक जानकारी प्राप्त करना अनुमानक के लिए सहायक होगा।
आकलन की इकाई विधि की हानियाँ–
(i) यह एक विश्वसनीय विधि नहीं है।
(ii) शुद्ध मान से अधिक विचलन या भिन्न तथा यह चित्र या विशिष्टताओं पर आधारित नहीं है। इसलिए इस विधि का प्रयोग परियोजना के वास्तविक निष्पादन के लिए नहीं किया जा सकता है।