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Q: ‘छिद् + क्त’ प्रत्यये सति पदं स्यात् –
  • A. छिन्न:।
  • B. छिद्न:।
  • C. छिद्क्त:।
  • D. छित्त:।
Correct Answer: Option A - ‘छिद् + क्त’ प्रत्यये सति पदं’ छिन्न: स्यात्। यदि निष्ठा प्रत्यय ऐसी धातु के उपरान्त आवे जिसके अन्त में र् अथवा द् हो तो निष्ठा के त् के स्थान में न् हो जाता है और उसके पूर्व द को भी न हो जाता है : जैसे - शृ से शीर्ण:, छिद् से छिन्न:, भिद् से भिन्न: आदि।
A. ‘छिद् + क्त’ प्रत्यये सति पदं’ छिन्न: स्यात्। यदि निष्ठा प्रत्यय ऐसी धातु के उपरान्त आवे जिसके अन्त में र् अथवा द् हो तो निष्ठा के त् के स्थान में न् हो जाता है और उसके पूर्व द को भी न हो जाता है : जैसे - शृ से शीर्ण:, छिद् से छिन्न:, भिद् से भिन्न: आदि।

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‘छिद् + क्त’ प्रत्यये सति पदं’ छिन्न: स्यात्। यदि निष्ठा प्रत्यय ऐसी धातु के उपरान्त आवे जिसके अन्त में र् अथवा द् हो तो निष्ठा के त् के स्थान में न् हो जाता है और उसके पूर्व द को भी न हो जाता है : जैसे - शृ से शीर्ण:, छिद् से छिन्न:, भिद् से भिन्न: आदि।