Explanations:
ब्रह्म समाज की स्थापना अगस्त, 1828 ई. में राजा राममोहन राय ने की थी। इसकी शुरुआत बंगाल में पुनर्जागरण के दौरान एकेश्वरवादी सुधारवादी हिन्दू र्धािमक आंदोलन के रूप में हुई थी। ब्रह्म समाज मुख्य रूप से शहरी, शिक्षित और उच्च जाति के समुदायों तक सीमित रहा। इसका ग्रामीण जनता पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा।