Correct Answer:
Option A - गाँधी जी की प्रसिद्ध डांडी यात्रा (दांडी यात्रा) को नमक आन्दोलन (सत्याग्रह) कहा जाता है। 1930 में गाँधी जी ने ऐलान किया कि वह नमक कानून तोड़ने के लिए यात्रा निकालेंगे। उस समय नमक के उत्पादन और बिक्री पर सरकार का एकाधिकार होता था। गाँधी जी और उनके अनुयायी साबरमती से 240 किलोमीटर दूर स्थित डांडी तट पैदल चलकर गए और वहाँ उन्होंने तट पर बिखरा नमक इकट्ठा करते हुए नमक कानून का सार्वजनिक रूप से उल्लंघन किया। उन्होंने पानी उबालकर भी नमक बनाया। इस आंदोलन में किसानों, आदिवासियों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था।
A. गाँधी जी की प्रसिद्ध डांडी यात्रा (दांडी यात्रा) को नमक आन्दोलन (सत्याग्रह) कहा जाता है। 1930 में गाँधी जी ने ऐलान किया कि वह नमक कानून तोड़ने के लिए यात्रा निकालेंगे। उस समय नमक के उत्पादन और बिक्री पर सरकार का एकाधिकार होता था। गाँधी जी और उनके अनुयायी साबरमती से 240 किलोमीटर दूर स्थित डांडी तट पैदल चलकर गए और वहाँ उन्होंने तट पर बिखरा नमक इकट्ठा करते हुए नमक कानून का सार्वजनिक रूप से उल्लंघन किया। उन्होंने पानी उबालकर भी नमक बनाया। इस आंदोलन में किसानों, आदिवासियों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था।