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Q: The type of wires buried under the wall at the time of plastering are called/प्लास्टरिंग के समय दीवार के अन्दर हुए वायरिंग के प्रकार कहलाते हैं-
  • A. Surface wiring/सतह वायरिंग
  • B. Casing capping/आवरण कैंपिंग
  • C. Cleat wiring/क्लीट वायरिंग
  • D. Concealed conduit/कन्शील्ड कंड्यूट
Correct Answer: Option D - प्लास्टरिंग के समय दीवार के अन्दर कंसील्ड-कंड्यूट प्रकार के वायर को लगा दिया जाता है। कंड्यूट कम से कम 6 mm दीवार के अंदर होनी चाहिए। तारों को आसानी से पाइप के अन्दर डालने के लिए जगह-जगह पाइपों के बीच में कंड्यूट जंक्शन बाकस ‘टी-एल्बो’ इत्यादि लगाए जाते हैं।
D. प्लास्टरिंग के समय दीवार के अन्दर कंसील्ड-कंड्यूट प्रकार के वायर को लगा दिया जाता है। कंड्यूट कम से कम 6 mm दीवार के अंदर होनी चाहिए। तारों को आसानी से पाइप के अन्दर डालने के लिए जगह-जगह पाइपों के बीच में कंड्यूट जंक्शन बाकस ‘टी-एल्बो’ इत्यादि लगाए जाते हैं।

Explanations:

प्लास्टरिंग के समय दीवार के अन्दर कंसील्ड-कंड्यूट प्रकार के वायर को लगा दिया जाता है। कंड्यूट कम से कम 6 mm दीवार के अंदर होनी चाहिए। तारों को आसानी से पाइप के अन्दर डालने के लिए जगह-जगह पाइपों के बीच में कंड्यूट जंक्शन बाकस ‘टी-एल्बो’ इत्यादि लगाए जाते हैं।