Correct Answer:
Option D - प्लास्टरिंग के समय दीवार के अन्दर कंसील्ड-कंड्यूट प्रकार के वायर को लगा दिया जाता है।
कंड्यूट कम से कम 6 mm दीवार के अंदर होनी चाहिए।
तारों को आसानी से पाइप के अन्दर डालने के लिए जगह-जगह पाइपों के बीच में कंड्यूट जंक्शन बाकस ‘टी-एल्बो’ इत्यादि लगाए जाते हैं।
D. प्लास्टरिंग के समय दीवार के अन्दर कंसील्ड-कंड्यूट प्रकार के वायर को लगा दिया जाता है।
कंड्यूट कम से कम 6 mm दीवार के अंदर होनी चाहिए।
तारों को आसानी से पाइप के अन्दर डालने के लिए जगह-जगह पाइपों के बीच में कंड्यूट जंक्शन बाकस ‘टी-एल्बो’ इत्यादि लगाए जाते हैं।