Correct Answer:
Option B - प्रकाष्ठ को काटकर उसे खण्डों में चीरने की प्रक्रिया को प्रकाष्ठ का रूपांतरण (Conversion of timber) कहा जाता है। इसके लिए साधारण चिराई या चौरस चिरायी (Flat or ordinary sawing) स्पर्शीय चिराई (Tangential sawing), आरीय चिरायी (Radial sawing) व चौथाई चिरायी (Quarter sawing) तथा संयुक्त चिरायी (combined sawing) विधि अपनायी जाती है। उपरोक्त विधियों में से साधारण चिरायी, सबसे सस्ती विधि मानी जाती है, किन्तु इसमें काटे गये तख्तों में संकुचन बहुत अधिक होता है। जबकि आरीय चिरायी (Radial sawing) उपरोक्त में से सबसे उत्तम चिरायी मानी जाती है क्योंकि इस विधि से तैयार किये गये खण्डों में संकुचन व मरोड़ न्यूनतम होता है व सामथ्र्य अधिक होती है।
B. प्रकाष्ठ को काटकर उसे खण्डों में चीरने की प्रक्रिया को प्रकाष्ठ का रूपांतरण (Conversion of timber) कहा जाता है। इसके लिए साधारण चिराई या चौरस चिरायी (Flat or ordinary sawing) स्पर्शीय चिराई (Tangential sawing), आरीय चिरायी (Radial sawing) व चौथाई चिरायी (Quarter sawing) तथा संयुक्त चिरायी (combined sawing) विधि अपनायी जाती है। उपरोक्त विधियों में से साधारण चिरायी, सबसे सस्ती विधि मानी जाती है, किन्तु इसमें काटे गये तख्तों में संकुचन बहुत अधिक होता है। जबकि आरीय चिरायी (Radial sawing) उपरोक्त में से सबसे उत्तम चिरायी मानी जाती है क्योंकि इस विधि से तैयार किये गये खण्डों में संकुचन व मरोड़ न्यूनतम होता है व सामथ्र्य अधिक होती है।