Correct Answer:
Option A - बृहत्कथामञ्जरी का विभाजन लम्बकों में है। यह क्षेमेन्द्र द्वारा रचित प्रसिद्ध संस्कृत ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ लम्बकों में विभक्त है-जिसमेें प्रथम लंबक कथापीठ, द्वितीय लंबक ‘कथामुख’ तृतीय लम्बक ‘लावणक’ चतुर्थ -नरवाहनदन्त का जन्म, पंचम चतुर्दारिका, षष्ठ- सूर्यप्रभा, सप्तम-मदनमंचुक, अष्ट वेला, नवम् शशांकवती, दशम् -विषमशील, एकादश-मदिरावती, द्वाद्वश पदमावती, त्रयोदश- पंच, चतुर्दश रत्नप्रभा, पंचदश . अलंकारवती, षष्ठदश- शक्तियशस्, सप्तदश-महाभिषेक, अष्टदश-सूूरतमंजरी है।
A. बृहत्कथामञ्जरी का विभाजन लम्बकों में है। यह क्षेमेन्द्र द्वारा रचित प्रसिद्ध संस्कृत ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ लम्बकों में विभक्त है-जिसमेें प्रथम लंबक कथापीठ, द्वितीय लंबक ‘कथामुख’ तृतीय लम्बक ‘लावणक’ चतुर्थ -नरवाहनदन्त का जन्म, पंचम चतुर्दारिका, षष्ठ- सूर्यप्रभा, सप्तम-मदनमंचुक, अष्ट वेला, नवम् शशांकवती, दशम् -विषमशील, एकादश-मदिरावती, द्वाद्वश पदमावती, त्रयोदश- पंच, चतुर्दश रत्नप्रभा, पंचदश . अलंकारवती, षष्ठदश- शक्तियशस्, सप्तदश-महाभिषेक, अष्टदश-सूूरतमंजरी है।