Correct Answer:
Option D - अशोक ने भाब्रू स्तम्भ अभिलेख में स्वयं को `देवानम् पियदसिनो लाजिनों मागधो' कहा है, जिसका अर्थ देवताओं के प्रियदर्शी राजा मगध हैं। इस अभिलेख के अनुसार अशोक ने बुद्ध द्वारा प्रतिपादित त्रिरत्न अर्थात् बुद्ध, धर्म तथा संघ के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की थी।
D. अशोक ने भाब्रू स्तम्भ अभिलेख में स्वयं को `देवानम् पियदसिनो लाजिनों मागधो' कहा है, जिसका अर्थ देवताओं के प्रियदर्शी राजा मगध हैं। इस अभिलेख के अनुसार अशोक ने बुद्ध द्वारा प्रतिपादित त्रिरत्न अर्थात् बुद्ध, धर्म तथा संघ के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की थी।