search
Q: ‘‘स्तनयुगमश्रुस्नातम्..............’’ इत्यादि कादम्बरीकथामुखश्लोकस्य वक्तास्ति?
  • A. जाबालि:
  • B. शूद्रक:
  • C. शुकनास:
  • D. वैशम्पायन: शुक:
Correct Answer: Option D - यह श्लोक वैशाम्पायन शुक के द्वारा राजा शूद्रक के सम्मान में आर्याछन्द में दाहिना पैर उठाकर उनकी सभा में कहा गया है। सम्पूर्ण श्लोक इस प्रकार है– ‘‘स्तनयुगमश्रुस्नातं समीपतरवर्ति हृदयशोकाग्ने:। चरति विमुक्ताहारं व्रतमिव भवतो रिपुस्त्रीणाम्।।
D. यह श्लोक वैशाम्पायन शुक के द्वारा राजा शूद्रक के सम्मान में आर्याछन्द में दाहिना पैर उठाकर उनकी सभा में कहा गया है। सम्पूर्ण श्लोक इस प्रकार है– ‘‘स्तनयुगमश्रुस्नातं समीपतरवर्ति हृदयशोकाग्ने:। चरति विमुक्ताहारं व्रतमिव भवतो रिपुस्त्रीणाम्।।

Explanations:

यह श्लोक वैशाम्पायन शुक के द्वारा राजा शूद्रक के सम्मान में आर्याछन्द में दाहिना पैर उठाकर उनकी सभा में कहा गया है। सम्पूर्ण श्लोक इस प्रकार है– ‘‘स्तनयुगमश्रुस्नातं समीपतरवर्ति हृदयशोकाग्ने:। चरति विमुक्ताहारं व्रतमिव भवतो रिपुस्त्रीणाम्।।