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Q: एक ब्लॉटिंग पेपर स्याही कैसे सोखता है?
  • A. स्याही सुखा कर
  • B. केशिका (कैपिलरी) क्रिया
  • C. ठोसकरण क्रिया
  • D. वाष्पीकरण
Correct Answer: Option B - केशिका क्रिया (केशिकत्व)–‘‘किसी ठोस पदार्थ के संपर्क में रहने वाले द्रव की वह क्रिया, जिसमें द्रव के अणुओं के एक–दूसरे के प्रति और ठोस के अणुओं के प्रति आकर्षण के फलस्वरूप द्रव का पृष्ठ उठता या गिरता है।’’ इसी क्रिया द्वारा ही ब्लॉटिंग पेपर स्याही सोखता है। इसका एक अन्य उदाहरण यदि पानी के गिलास में एक पतली खुली नलिका डाली जाए तो केशिकत्व (Capillary) के कारण ही नली में पानी का स्तर गिलास के पानी के स्तर से ऊपर होता है।
B. केशिका क्रिया (केशिकत्व)–‘‘किसी ठोस पदार्थ के संपर्क में रहने वाले द्रव की वह क्रिया, जिसमें द्रव के अणुओं के एक–दूसरे के प्रति और ठोस के अणुओं के प्रति आकर्षण के फलस्वरूप द्रव का पृष्ठ उठता या गिरता है।’’ इसी क्रिया द्वारा ही ब्लॉटिंग पेपर स्याही सोखता है। इसका एक अन्य उदाहरण यदि पानी के गिलास में एक पतली खुली नलिका डाली जाए तो केशिकत्व (Capillary) के कारण ही नली में पानी का स्तर गिलास के पानी के स्तर से ऊपर होता है।

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केशिका क्रिया (केशिकत्व)–‘‘किसी ठोस पदार्थ के संपर्क में रहने वाले द्रव की वह क्रिया, जिसमें द्रव के अणुओं के एक–दूसरे के प्रति और ठोस के अणुओं के प्रति आकर्षण के फलस्वरूप द्रव का पृष्ठ उठता या गिरता है।’’ इसी क्रिया द्वारा ही ब्लॉटिंग पेपर स्याही सोखता है। इसका एक अन्य उदाहरण यदि पानी के गिलास में एक पतली खुली नलिका डाली जाए तो केशिकत्व (Capillary) के कारण ही नली में पानी का स्तर गिलास के पानी के स्तर से ऊपर होता है।