Correct Answer:
Option A - `भारतेन्दु नाटक मण्डली' द्वारा अभिनीत पहला नाटक ‘सत्य हरिश्चन्द्र' था। हिन्दी रंगमंच के विकास में ‘भारतेन्दु नाटक मंडली (1906 ई.)’ की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस मंडली ने लगभग डेढ़ दर्जन नाटकों का मंचन किया जिसमें ‘सत्य हरिश्चन्द्र’ प्रमुख हैं।
भारतेन्दु ने काशी में ‘नेशनल थियेटर’ की स्थापना की।
काशीनाथ खत्री का नाटक ‘बाल विधवा संताप’ भारतेन्दु के घर पर खेला गया था।
• भारतेन्दु ने ‘नाटक निबन्ध’ की रचना 1883 ई. में की।
• भारत जननी (1877 ई.) हिन्दी का पहला मौलिक ओपेरा (गीति-नाट्य) है।
• भारत दुर्दशा (1880 ई.) हिन्दी भाषा का पहला मौलिक राजनीतिक नाटक है।
A. `भारतेन्दु नाटक मण्डली' द्वारा अभिनीत पहला नाटक ‘सत्य हरिश्चन्द्र' था। हिन्दी रंगमंच के विकास में ‘भारतेन्दु नाटक मंडली (1906 ई.)’ की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस मंडली ने लगभग डेढ़ दर्जन नाटकों का मंचन किया जिसमें ‘सत्य हरिश्चन्द्र’ प्रमुख हैं।
भारतेन्दु ने काशी में ‘नेशनल थियेटर’ की स्थापना की।
काशीनाथ खत्री का नाटक ‘बाल विधवा संताप’ भारतेन्दु के घर पर खेला गया था।
• भारतेन्दु ने ‘नाटक निबन्ध’ की रचना 1883 ई. में की।
• भारत जननी (1877 ई.) हिन्दी का पहला मौलिक ओपेरा (गीति-नाट्य) है।
• भारत दुर्दशा (1880 ई.) हिन्दी भाषा का पहला मौलिक राजनीतिक नाटक है।