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Q: भारत में वाणिज्यिक बैंकों द्वारा कृषि ऋण निम्नलिखित में से किस योजना के अंतर्गत स्वीकृत नहीं किया जाता है?
  • A. सिंचाई
  • B. भूमि विकास
  • C. भूमि बंधक
  • D. शुष्क भूमि खेती
Correct Answer: Option C - भारत में वाणिज्यिक बैंकों द्वारा, सिंचाई, भूमि विकास, शुष्क भूमि खेती पर कृषि ऋण प्रदान की जाती हैं जबकि बंधक ऋण या ‘गिरवी कर्ज’ उस ऋण को कहते हैं जो किसी वास्तविक संपत्ति (जैसे घर, भूमि, सोना आदि) को बंधक रखकर तथा एक बंधक विलेख के द्वारा प्राप्त किया जाता है। सम्पत्ति का स्वामित्वाधिकार ऋणदाता के नाम हस्तान्तरित करना पड़ता है। ऋण चुकता हो जाने या देयता निपटान के बाद हस्तान्तरण शून्य हो जाता है।
C. भारत में वाणिज्यिक बैंकों द्वारा, सिंचाई, भूमि विकास, शुष्क भूमि खेती पर कृषि ऋण प्रदान की जाती हैं जबकि बंधक ऋण या ‘गिरवी कर्ज’ उस ऋण को कहते हैं जो किसी वास्तविक संपत्ति (जैसे घर, भूमि, सोना आदि) को बंधक रखकर तथा एक बंधक विलेख के द्वारा प्राप्त किया जाता है। सम्पत्ति का स्वामित्वाधिकार ऋणदाता के नाम हस्तान्तरित करना पड़ता है। ऋण चुकता हो जाने या देयता निपटान के बाद हस्तान्तरण शून्य हो जाता है।

Explanations:

भारत में वाणिज्यिक बैंकों द्वारा, सिंचाई, भूमि विकास, शुष्क भूमि खेती पर कृषि ऋण प्रदान की जाती हैं जबकि बंधक ऋण या ‘गिरवी कर्ज’ उस ऋण को कहते हैं जो किसी वास्तविक संपत्ति (जैसे घर, भूमि, सोना आदि) को बंधक रखकर तथा एक बंधक विलेख के द्वारा प्राप्त किया जाता है। सम्पत्ति का स्वामित्वाधिकार ऋणदाता के नाम हस्तान्तरित करना पड़ता है। ऋण चुकता हो जाने या देयता निपटान के बाद हस्तान्तरण शून्य हो जाता है।