Correct Answer:
Option B - सिंक्रोनस इंटरैक्शन वे होते हैं जिनमें एक सिस्टम दूसरे को संदेश भेजता है और आगे बढ़ने में पहले एक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करता है। इसके कुछ रूप हैं जैसे लाइव वेबीनार, वीडियों कॉनफ्रेसिंग, वरचुअल क्लासरूप इत्यादि आते हैं। पाठ्यपुस्तक इसके टूल के रूप में नहीं उपयोग किया जा सकता है क्योंकि इसमें समस्त सूचना एक जगह ही एकत्रित रहती है लोग इसे उपयोग में लाते हैं तो व्यक्ति सूचना प्राप्त कर सकता है। यह सिंक्रोनस इण्टरैक्शन की तरह कार्य नहीं करता ।
B. सिंक्रोनस इंटरैक्शन वे होते हैं जिनमें एक सिस्टम दूसरे को संदेश भेजता है और आगे बढ़ने में पहले एक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करता है। इसके कुछ रूप हैं जैसे लाइव वेबीनार, वीडियों कॉनफ्रेसिंग, वरचुअल क्लासरूप इत्यादि आते हैं। पाठ्यपुस्तक इसके टूल के रूप में नहीं उपयोग किया जा सकता है क्योंकि इसमें समस्त सूचना एक जगह ही एकत्रित रहती है लोग इसे उपयोग में लाते हैं तो व्यक्ति सूचना प्राप्त कर सकता है। यह सिंक्रोनस इण्टरैक्शन की तरह कार्य नहीं करता ।