Correct Answer:
Option A - प्रिटिंग प्रेस (छापाखाना) पहले-पहल सोलहवीं सदी में भारत के गोवा में पुर्तगाली धर्म-प्रचारकों के साथ आया था। पुर्तगालियों द्वारा प्रथम छापाखाना 1557 ई. में स्थापित किया गया। गोवा में जेसुइट पुजारियों ने कोंकणी सीखी और कई सारी पुस्तकें छापी। 1674 ई. तक कोंकणी और कन्नड़ भाषाओं में लगभग 50 किताबें छप चुकी थी।
A. प्रिटिंग प्रेस (छापाखाना) पहले-पहल सोलहवीं सदी में भारत के गोवा में पुर्तगाली धर्म-प्रचारकों के साथ आया था। पुर्तगालियों द्वारा प्रथम छापाखाना 1557 ई. में स्थापित किया गया। गोवा में जेसुइट पुजारियों ने कोंकणी सीखी और कई सारी पुस्तकें छापी। 1674 ई. तक कोंकणी और कन्नड़ भाषाओं में लगभग 50 किताबें छप चुकी थी।