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Q: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को................के मामले में वैध बनाया गया था।
  • A. अरूणा रामचंद्र शानबाग बनाम भारतीय संघ
  • B. लिली थॉमस बनाम भारतीय संघ
  • C. जियान कौर बनाम पंजाब राज्य
  • D. सहेली बनाम पुलिस आयुक्त
Correct Answer: Option A - भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को ‘अरूणा रामचंद्र शानबाग बनाम भारतीय संघ’ (2011 SC) के मामले में वैध बनाया गया था। निष्क्रिय इच्छामृत्यु अर्थात् ऐसे मामले जहाँ लाइलाज बीमारी से पीडि़त व्यक्ति लंबे समय से कोमा में पड़ा हो, तब रिश्तेदारों की सहमति से डॉक्टर उसका लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम यानी जीवन रक्षक उपकरण बंद कर देते हैं और उनकी मौत हो जाती है।
A. भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को ‘अरूणा रामचंद्र शानबाग बनाम भारतीय संघ’ (2011 SC) के मामले में वैध बनाया गया था। निष्क्रिय इच्छामृत्यु अर्थात् ऐसे मामले जहाँ लाइलाज बीमारी से पीडि़त व्यक्ति लंबे समय से कोमा में पड़ा हो, तब रिश्तेदारों की सहमति से डॉक्टर उसका लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम यानी जीवन रक्षक उपकरण बंद कर देते हैं और उनकी मौत हो जाती है।

Explanations:

भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु को ‘अरूणा रामचंद्र शानबाग बनाम भारतीय संघ’ (2011 SC) के मामले में वैध बनाया गया था। निष्क्रिय इच्छामृत्यु अर्थात् ऐसे मामले जहाँ लाइलाज बीमारी से पीडि़त व्यक्ति लंबे समय से कोमा में पड़ा हो, तब रिश्तेदारों की सहमति से डॉक्टर उसका लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम यानी जीवन रक्षक उपकरण बंद कर देते हैं और उनकी मौत हो जाती है।