search
Q: भारत में निर्धनता के स्तर का आँकलन किया जाता है–
  • A. विभिन्न राज्यों में प्रति व्यक्ति आय के आधार पर
  • B. परिवार की औसत आय के आधार पर
  • C. परिवार के उपभोग–व्यय के आधार पर
  • D. देश की मलिन बस्तियों की जन–संख्या के आधार पर
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - जीवन निर्वाह के आवश्यक बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति के लिए आवश्यक न्यूनतम आय को गरीबी रेखा कहा जाता है। विश्व बैंक द्वारा इसे 1.9 डॉलर प्रति व्यक्ति प्रति दिन निर्धारित किया गया है। सुरेश तेंदुलकर समिति की सिफारिशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में ` 27 प्रतिदिन एवं शहरी क्षेत्र में ` 33 प्रतिदिन उपभोग-व्यय पर खर्च करने में असमर्थ लोगों को गरीबी रेखा के नीचे समझा जाता है। वर्ष 2004-05 में भारत की 37.2% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही थी। जो वर्ष 2011-12 में 15.3% कम होकर 21.9%पर आ गयी है।
C. जीवन निर्वाह के आवश्यक बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति के लिए आवश्यक न्यूनतम आय को गरीबी रेखा कहा जाता है। विश्व बैंक द्वारा इसे 1.9 डॉलर प्रति व्यक्ति प्रति दिन निर्धारित किया गया है। सुरेश तेंदुलकर समिति की सिफारिशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में ` 27 प्रतिदिन एवं शहरी क्षेत्र में ` 33 प्रतिदिन उपभोग-व्यय पर खर्च करने में असमर्थ लोगों को गरीबी रेखा के नीचे समझा जाता है। वर्ष 2004-05 में भारत की 37.2% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही थी। जो वर्ष 2011-12 में 15.3% कम होकर 21.9%पर आ गयी है।

Explanations:

जीवन निर्वाह के आवश्यक बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति के लिए आवश्यक न्यूनतम आय को गरीबी रेखा कहा जाता है। विश्व बैंक द्वारा इसे 1.9 डॉलर प्रति व्यक्ति प्रति दिन निर्धारित किया गया है। सुरेश तेंदुलकर समिति की सिफारिशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में ` 27 प्रतिदिन एवं शहरी क्षेत्र में ` 33 प्रतिदिन उपभोग-व्यय पर खर्च करने में असमर्थ लोगों को गरीबी रेखा के नीचे समझा जाता है। वर्ष 2004-05 में भारत की 37.2% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही थी। जो वर्ष 2011-12 में 15.3% कम होकर 21.9%पर आ गयी है।