............DOS command is used to rename an old file name with new file name.
इनमें से कौन शिक्षण अधिगम में कोई भूमिका अदा नहीं करता है?
रेलवे बोर्ड का नया अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी किसे नियुक्त किया गया?
बीज गुणवत्ता का कौन-सा घटक बीज के द्वारा संचारित रोगों से संबंधित है?
Select the number from the option that can replace the question mark (?) and complete the given series, 0, 7, 26, 63, 124, ?
दिसंबर 1947 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत का संविधान लिखने वाली संविधान सभा में ––––– सदस्य थे।
सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, 2019-2023 के बीच दुनिया का शीर्ष हथियार आयातक देश कौन है?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर (प्रश्न संख्या: 220-227) सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए : हमारे देश में आधुनिक शिक्षा नामक एक चीज प्रकट हुई है। इसके नाम पर यत्रतत्र स्कूल और कॉलेज कुकुरमुत्तों की तरह सिर उठाकर खड़े हो गए हैं। इनका गठन इस तरह किया गया है कि इनका प्रकाश कॉलेज व्यवस्था के बाहर मुश्किल से पहुँचता है। सूरज की रोशनी चाँद से टकराकर जितनी निकलती है, इनसे उससे भी कम रोशनी निकलती है। एक परदेशी भाषा की मोटी दीवार इसे चारों ओर से घेरे हुए है। अब मैं अपनी मातृभाषा के जरिए शिक्षा के बारे में सोचता हूँ तो उस विचार से साहस क्षीण होता है। घर की चहारदीवारी में बंद दुलहिन की तरह यह भयभीत रहती है। बरामदे तक की इसकी स्वतंत्रता का साम्राज्य है : एक इंच आगे बढ़ी कि घूँघट निकल आता है। हमारी मातृभाषा का राज प्राथमिक शिक्षा तक सीमित है : दूसरे शब्दों में, यह केवल बच्चों की शिक्षा के लिए उपयुक्त है, मानी यह कि जिसे कोई दूसरी भाषा सीखने का अवसर नहीं मिला, हमारी जनता की उस विशाल भीड़ को शिक्षा के उनके अधिकार के प्रसंग में बच्चा ही समझा जाएगा। उन्हें कभी पूर्ण विकसित मनुष्य नहीं बनना है और तब भी हम प्रेमपूर्वक सोचते हैं कि स्वराज मिलने पर उन्हें संपूर्ण मनुष्य के अधिकार हासिल होंगे।आधुनिक शिक्षा के नाम पर ऐसा क्या हुआ जो लेखक को अप्रिय है?
``लौकिकानां हि साधूनामर्थं वागनुवर्तते। ऋषीणां पुनराधानां वाचमर्थोऽनुधावति।।'' यह उपर्युक्त श्लोक किस ग्रन्थ से है?
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों (89-93) के सटीक उत्तर दीजिए: भारत में अनेक विदेशी जातियाँ आयीं लेकिन भारतीय संस्कृति ने अपने विकास की प्रक्रिया में इन सभी को आत्मसात कर लिया। भारतीय संस्कृति ने अन्य संस्कृतियों के अच्छे गुणों को आत्मसात करके उन्हें अपने रंग रूप में ढाल लिया। विदेशी संस्कृतियों के अच्छे गुण आज भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। भारत ने उत्तम विचार, आचार-व्यवहार और सद्गुणों को ग्रहण करके भारतीय संस्कृति कालजयी बन चुकी है। अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की विशिष्टता रही है। भारत में संसार के लगभग सभी धर्म मिल जाते हैं। भारत में विदेशी जातियों के आगमन से क्या हुआ?
Explanations:
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Excepturi, esse.
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized experiences.