Explanations:
भारत में होमरूल लीग का उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन रहते हुए संवैधानिक तरीके से स्वशासन को प्राप्त करना था। बाल गंगाधर तिलक ने 28 अप्रैल, 1916 को बेलगांव (कर्नाटक) में ‘होमरूल लीग’ की स्थापना की। सन् 1916 के लखनऊ अधिवेशन के दौरान तिलक ने अपना प्रसिद्ध नारा दिया- ‘‘स्वराज्य हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।’’ जबकि एनी बेसेंट ने इसकी दूसरी शाखा सितम्बर 1916 ई. में मद्रास में स्थापित की थी। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान कांग्रेस द्वारा कोई अन्य आंदोलन न प्रारंभ करने के कारण होमरूल आंदोलन सफल रहा। इस आंदोलन के फलस्वरूप भारत सचिव मांटेग्यू ने 20 अगस्त 1917 ई. को ब्रिटिश संसद ने भारत को उत्तरदायी शासन प्रदान करने की बात की गई।