Correct Answer:
Option D - उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार बड़ी मात्रा में धुआँ उगलते कल-कारखाने, पेट्रोल और डीजल का विषैला धुआँ सारे पर्यावरण को रुग्ण, विषैला और निर्जीव बना रहा है।
D. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार बड़ी मात्रा में धुआँ उगलते कल-कारखाने, पेट्रोल और डीजल का विषैला धुआँ सारे पर्यावरण को रुग्ण, विषैला और निर्जीव बना रहा है।