Correct Answer:
Option A - बंगाल का विभाजन वर्ष 1905 में भारत में ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन द्वारा मजबूत भारतीय राष्ट्रवादी विरोध के बावजूद किया गया। इसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक मध्यवर्गीय दबाव समूह से एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन में बदलने की शुरूआत की। बंगाल-विभाजन 16 अक्टूबर 1905 से प्रभावी हुआ। इतिहास में इसे बंगभंग के नाम से भी जाना जाता है। यह अंग्रेजों की ‘‘फूट डालो-शासन करो’’ वाली नीति का ही एक अंग था। अत: इसके विरोध में 1908 ई. में सम्पूर्ण देश में ‘बंग-भंग’ आन्दोलन शुरू हो गया। इस विभाजन के विरुद्ध बंगाल के बाहर भारी आंदोलन हुआ। इस आंदोलन में देश के प्रसिद्ध कवियों और साहित्यकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आंदोलन ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के वंदे मातरम् गीत को नई बुलंदिया प्रदान की।
A. बंगाल का विभाजन वर्ष 1905 में भारत में ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन द्वारा मजबूत भारतीय राष्ट्रवादी विरोध के बावजूद किया गया। इसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक मध्यवर्गीय दबाव समूह से एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन में बदलने की शुरूआत की। बंगाल-विभाजन 16 अक्टूबर 1905 से प्रभावी हुआ। इतिहास में इसे बंगभंग के नाम से भी जाना जाता है। यह अंग्रेजों की ‘‘फूट डालो-शासन करो’’ वाली नीति का ही एक अंग था। अत: इसके विरोध में 1908 ई. में सम्पूर्ण देश में ‘बंग-भंग’ आन्दोलन शुरू हो गया। इस विभाजन के विरुद्ध बंगाल के बाहर भारी आंदोलन हुआ। इस आंदोलन में देश के प्रसिद्ध कवियों और साहित्यकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आंदोलन ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के वंदे मातरम् गीत को नई बुलंदिया प्रदान की।