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Q: उत्तरांचल में बग्वाल या बग्वाई पर्व बड़े हर्ष व उल्लास के साथ मनाया जाता है, यह पर्व है :
  • A. होली का
  • B. दीपावली का
  • C. दशहरे का
  • D. संक्रान्ति का
Correct Answer: Option B - दीपावली का आयोजन उत्तरांचल में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे स्थानीय भाषा में ‘बग्वाल’ या ‘बग्वाई’ कहा जाता है। गाय की आरती उतारी जाती है व उसे मीठा भोजन दिया जाता है। रात में उल्लास के साथ छिलके की रोशनी जलाकर ‘भैला’ खेला जाता है। समूचे उत्तरांचल में होली का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली की यहाँ दो शैलियाँ प्रचलित हैं-खड़ी व बैठकी। दशहरा उत्तरांचल में ज्येष्ठ दशमी को मनाया जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन व दक्षिणा आदि दी जाती है।
B. दीपावली का आयोजन उत्तरांचल में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे स्थानीय भाषा में ‘बग्वाल’ या ‘बग्वाई’ कहा जाता है। गाय की आरती उतारी जाती है व उसे मीठा भोजन दिया जाता है। रात में उल्लास के साथ छिलके की रोशनी जलाकर ‘भैला’ खेला जाता है। समूचे उत्तरांचल में होली का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली की यहाँ दो शैलियाँ प्रचलित हैं-खड़ी व बैठकी। दशहरा उत्तरांचल में ज्येष्ठ दशमी को मनाया जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन व दक्षिणा आदि दी जाती है।

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दीपावली का आयोजन उत्तरांचल में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे स्थानीय भाषा में ‘बग्वाल’ या ‘बग्वाई’ कहा जाता है। गाय की आरती उतारी जाती है व उसे मीठा भोजन दिया जाता है। रात में उल्लास के साथ छिलके की रोशनी जलाकर ‘भैला’ खेला जाता है। समूचे उत्तरांचल में होली का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली की यहाँ दो शैलियाँ प्रचलित हैं-खड़ी व बैठकी। दशहरा उत्तरांचल में ज्येष्ठ दशमी को मनाया जाता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन व दक्षिणा आदि दी जाती है।