Explanations:
व्याख्या- ‘बंगाल का अकाल’ रिपोर्ताज कृति ‘तूफानों के बीच’ में समाहित है जिसके लेखक रांगेय राघव हैं। जबकि कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ ने ‘क्षण बोले कण मुस्काए’ तथा शिवदान सिंह चौहान ने ‘लक्ष्मीपुरा’ नामक रिपोर्ताज की रचना की है। हिन्दी की प्रथम रिपोर्ताज ‘लक्ष्मीपुरा’ (1938ई.) को माना जाता है। नोट : बंगाल का अकाल रिपोर्ताज के लेखक प्रकाश चन्द्र गुप्त हैं जबकि आयोग ने इसका उत्तर रांगेय राघव को माना है।