Correct Answer:
Option A - अनुच्छेद-21 के अनुसार ‘किसी भी व्यक्ति को उसके प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जा सकता है अन्यथा नहीं। अनुच्छेद-22 में नागरिकों को कुछ दशाओं में गिरफ्तारी के विरोध में संरक्षण की बात की गई हैं।
अनुच्छेद-23 में मानव के दुव्र्यापार और बालश्रम का प्रतिषेध है। अनुच्छेद-24 में बालकों के नियोजन का प्रतिषेध, 14 वर्ष से कम आयु वाले किसी भी बालक को कारखानों तथा अन्य किसी जोखिम भरे काम पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है।
A. अनुच्छेद-21 के अनुसार ‘किसी भी व्यक्ति को उसके प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जा सकता है अन्यथा नहीं। अनुच्छेद-22 में नागरिकों को कुछ दशाओं में गिरफ्तारी के विरोध में संरक्षण की बात की गई हैं।
अनुच्छेद-23 में मानव के दुव्र्यापार और बालश्रम का प्रतिषेध है। अनुच्छेद-24 में बालकों के नियोजन का प्रतिषेध, 14 वर्ष से कम आयु वाले किसी भी बालक को कारखानों तथा अन्य किसी जोखिम भरे काम पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है।