Correct Answer:
Option B - ‘रामेण बाणेन हतो बाली’ इत्यत्र साधकतमं करणम् इतिसूत्रस्य गतार्थता ‘बाणेन’ पदो विद्यते। क्रिया की सिद्धि में जो अत्यधिक सहायक होता है। उसे ‘करण’ कहते है।
करण तथा भाववाच्य और कर्मवाच्य के कर्त्ता में तृतीय विभक्ति होती है।
B. ‘रामेण बाणेन हतो बाली’ इत्यत्र साधकतमं करणम् इतिसूत्रस्य गतार्थता ‘बाणेन’ पदो विद्यते। क्रिया की सिद्धि में जो अत्यधिक सहायक होता है। उसे ‘करण’ कहते है।
करण तथा भाववाच्य और कर्मवाच्य के कर्त्ता में तृतीय विभक्ति होती है।