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Q: अधस्तनेषु केन मातृभूमे: स्वतन्त्रतायै आत्मन: बलिदानं कृतम् ?
  • A. पं. जवाहरलालनेहरूणा
  • B. सरदारभगतसिंहेन
  • C. सरदारवल्लभभाईपटेलेन
  • D. मदनमोहनमालवीयेन
Correct Answer: Option B - मातृभूमे: स्वतन्त्रतायै ‘‘सरदार भगत सिंहेन’’ आत्मन: बलिदानं कृतम् । अर्थात् मातृ भूमि की स्वतन्त्रता के लिए ‘‘सरदार भगत सिंह नें जीवन का बलिदान दिया। (1) पंडित जवाहर लाल नेहरू नें राष्ट्रीय आन्दोलनों में भाग लिये थे। ये भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। (2) सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के प्रथम गृहमन्त्री थे। (3) पं. मदनमोहन मालवीय प्रसिद्ध वकील आन्दोलनकारी तथा काशी हिन्दू विश्व विद्यालय के संस्थापक थे।
B. मातृभूमे: स्वतन्त्रतायै ‘‘सरदार भगत सिंहेन’’ आत्मन: बलिदानं कृतम् । अर्थात् मातृ भूमि की स्वतन्त्रता के लिए ‘‘सरदार भगत सिंह नें जीवन का बलिदान दिया। (1) पंडित जवाहर लाल नेहरू नें राष्ट्रीय आन्दोलनों में भाग लिये थे। ये भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। (2) सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के प्रथम गृहमन्त्री थे। (3) पं. मदनमोहन मालवीय प्रसिद्ध वकील आन्दोलनकारी तथा काशी हिन्दू विश्व विद्यालय के संस्थापक थे।

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मातृभूमे: स्वतन्त्रतायै ‘‘सरदार भगत सिंहेन’’ आत्मन: बलिदानं कृतम् । अर्थात् मातृ भूमि की स्वतन्त्रता के लिए ‘‘सरदार भगत सिंह नें जीवन का बलिदान दिया। (1) पंडित जवाहर लाल नेहरू नें राष्ट्रीय आन्दोलनों में भाग लिये थे। ये भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। (2) सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के प्रथम गृहमन्त्री थे। (3) पं. मदनमोहन मालवीय प्रसिद्ध वकील आन्दोलनकारी तथा काशी हिन्दू विश्व विद्यालय के संस्थापक थे।